उधार (बाद में भुगतान)
दुकान में उधार का हिसाब कैसे रखें
दुकान में उधार का हिसाब कैसे रखें?
उधार अलग कॉपी में नहीं, बिल के साथ ही लिखें: किस बिल का, किस दिन का और कितना बाकी। Tap & Bill में पेमेंट में “उधार” चुनें, पूरे बिल के लिए या मिश्रित पेमेंट के एक हिस्से के लिए, और रकम ग्राहक के खाते में चली जाती है। “उधार बाकी” फ़िल्टर बताता है किसका कितना बाकी है, “याद दिलाएं” से आपके फ़ोन से WhatsApp पर रकम और UPI ID के साथ मैसेज जाता है, और “वसूली” से थोड़ा-थोड़ा पैसा दर्ज होता है।
कॉपी वाले उधार में दिक़्क़त कहाँ है
पक्के ग्राहक, ऑफ़िस का चाय का खाता, शादी वाले परिवार: बहुत से लोग बाद में पैसे देते हैं। नोटबुक का खाता तब तक ठीक चलता है जब तक ग्राहक न पूछे “यह किस बिल का है?”, या भीड़ में स्टाफ लिखना भूल जाए। Tap & Bill में उधार असली बिल पर बैठता है: आइटम, तारीख़ और किस स्टाफ ने बिल बनाया, सब साथ में। इसलिए बहस की गुंजाइश नहीं रहती और कुछ दो बार लिखना नहीं पड़ता।
4 स्टेप में बिल के साथ उधार
बिल उधार में डालें
पेमेंट में “उधार” चुनें: पूरा बिल, या मिश्रित (split), जैसे ₹1,000 नकद + ₹800 उधार। ग्राहक का नाम और मोबाइल ज़रूरी है।
उधार बाकी देखें
ग्राहक सूची में “उधार बाकी” फ़िल्टर लगाएँ: किसका कितना बाकी है, एक जगह।
WhatsApp पर याद दिलाएँ
“याद दिलाएं” दबाएँ: आपके फ़ोन पर WhatsApp बाकी रकम और आपकी UPI ID के साथ खुलता है, आप भेजें दबाएँ।
वसूली दर्ज करें
ग्राहक थोड़ा या पूरा पैसा दे, नकद, UPI या कार्ड में, तो “वसूली” से दर्ज करें। बाकी रकम तुरंत बदल जाती है।
उदाहरण: ₹1,800 का बिल, ₹800 उधार
| तारीख़ | क्या हुआ | उधार बाकी |
|---|---|---|
| 5 अक्टूबर | ₹1,800 का बिल: ₹1,000 नकद + ₹800 उधार | ₹800 |
| 12 अक्टूबर | WhatsApp पर याद दिलाया; ग्राहक ने ₹500 UPI से दिए | ₹300 |
| 20 अक्टूबर | ग्राहक ने काउंटर पर ₹300 नकद दिए | ₹0 |
याद दिलाने का मैसेज कुछ ऐसा जाता है (आपकी दुकान का नाम और UPI ID भरकर):
नमस्ते रमेश 🙏
साईं फ़ैशन पर ₹800 बाकी है।
आप UPI से saifashion@upi पर भुगतान कर सकते हैं।
धन्यवाद!
मैसेज आपके अपने WhatsApp से जाता है, इसलिए फ्री है, और हिंदी, गुजराती या अंग्रेज़ी में जा सकता है। UPI ID न डाली हो तो मैसेज में लिखा आता है “कृपया अगली बार आने पर भुगतान करें।” बिल PDF पर छपा UPI QR भी बाकी रकम ही माँगता है।
बिल वाला उधार या खाता-बही ऐप?
| Tap & Bill का उधार | खाता-बही ऐप | |
|---|---|---|
| उधार कहाँ से आता है | बिल से, आइटम के साथ | जो एंट्री आप लिखें |
| प्रिंट और WhatsApp बिल | हाँ, उसी स्टेप में | अलग स्टेप या अलग ऐप |
| बिना बिल की एंट्री (उधार दिया पैसा, सप्लायर) | नहीं | हाँ |
| रिपोर्ट में उधार | दिया, वसूला, कुल बाकी | ऐप पर निर्भर |
| किसके लिए | जिनका उधार काउंटर की बिक्री से आता है | जो मुख्य रूप से लेन-देन का खाता रखते हैं |
Khatabook से पूरी तुलना: Tap & Bill vs Khatabook (English)।
हिसाब साफ़ रखने वाले नियम
- वापसी (return) की रकम ग्राहक के खाते में जा सकती है और उसका बाकी उधार घटा देती है।
- बिल कैंसल करने पर उसका उधार भी हट जाता है; कैंसल बिल वजह के साथ हिस्ट्री में रहता है।
- हर ग्राहक का पूरा हिसाब एक जगह: बिल, भुगतान और वापसी।
- मालिक की रिपोर्ट में: चुनी अवधि में कितना उधार दिया, कितना वसूला, और सब ग्राहकों का कुल बाकी।
क्या नहीं होता
- वॉक-इन बिल पर उधार नहीं होता: ग्राहक का नाम और मोबाइल चाहिए।
- यह पूरा खाता-बही ऐप नहीं है: बिना बिल के एंट्री (किसी को दिया पैसा, सप्लायर का हिसाब) नहीं होती।
- याद दिलाने का मैसेज अपने आप नहीं जाता; WhatsApp खुलता है और आप भेजें दबाते हैं।