गाइड
दुकान का हिसाब कैसे रखें (कपड़े की दुकान के लिए)
दुकान का हिसाब कैसे रखें?
हर बिक्री का बिल बनाएँ और रोज़ पाँच चीज़ें देखें: आज की कुल बिक्री (कैश, UPI, कार्ड और उधार अलग-अलग), रात को गल्ले का कैश “होना चाहिए” से मिलता है या नहीं, किसका कितना उधार बाकी है, आज कौन सा माल वापस आया, और ग्राहकों ने क्या माँगा जो दुकान में नहीं था। Tap & Bill में यह सब बिल से अपने आप बनता है और रोज़ की बिक्री मालिक के WhatsApp पर आ सकती है। किराया, तनख़्वाह और पूरा मुनाफ़ा-नुकसान इसमें नहीं है; उसके लिए CA या Tally रखें।
रोज़ के हिसाब की 5 चीज़ें
| क्या देखें | क्यों ज़रूरी | Tap & Bill में कहाँ |
|---|---|---|
| आज की बिक्री | कितना बिका, कितने बिल बने | रिपोर्ट → आज; मालिक के फ़ोन पर लाइव |
| कैश, UPI, कार्ड, उधार | कैश गल्ले में होना चाहिए, UPI बैंक में | रिपोर्ट में पेमेंट के हिसाब से; आधा कैश आधा UPI वाला बिल दोनों में अलग जुड़ता है |
| गल्ला | कैश कम या ज़्यादा तो नहीं | दिन बंद करें (गल्ला गिनें) |
| उधार | किससे कितना लेना है | ग्राहक सूची → उधार बाकी |
| वापसी और जो नहीं था | असली बिक्री और खोई बिक्री | वापसी के क्रेडिट नोट; “स्टॉक में नहीं” की सूची |
बिना ऐप के: रोज़ की कॉपी का तरीका
ऐप नहीं है तो एक कॉपी में हर दिन का एक पन्ना रखें और हर बिक्री उसी समय लिखें, रात को याद करके नहीं:
| बिल नंबर | आइटम | रकम | कैश | UPI / कार्ड | उधार (किसका) |
|---|---|---|---|---|---|
| 101 | जींस, शर्ट | ₹1,950 | ₹1,950 | ||
| 102 | साड़ी | ₹3,200 | ₹1,000 | ₹2,200 | |
| 103 | कुर्ती × 2 | ₹1,400 | ₹1,400 (सीमा जी) | ||
| कुल | ₹6,550 | ₹2,950 | ₹2,200 | ₹1,400 |
रात को कैश वाला कॉलम गल्ले से मिलाएँ। कॉपी का तरीका चलता है, पर भीड़ में लिखना छूट जाता है, जोड़ में ग़लती होती है और उधार अलग-अलग पन्नों में बिखर जाता है। बिलिंग ऐप में बिल ही हिसाब है: कुछ दोबारा नहीं लिखना पड़ता।
कैश, UPI, कार्ड: आज की बिक्री का बँटवारा
मान लीजिए आज 37 बिल बने और कुल बिक्री ₹42,300 हुई। रिपोर्ट में यह ऐसे दिखेगी:
| पेमेंट | रकम | पैसा कहाँ है |
|---|---|---|
| कैश | ₹18,450 | गल्ले में |
| UPI | ₹19,850 | बैंक खाते में (UPI ऐप या साउंडबॉक्स से जाँचें) |
| कार्ड | ₹2,500 | बैंक खाते में |
| उधार | ₹1,500 | ग्राहक के खाते में बाकी |
| कुल | ₹42,300 |
किसी ग्राहक ने ₹500 कैश और ₹1,200 UPI दिए, तो ₹500 कैश में और ₹1,200 UPI में जुड़ता है। बिल पर आपकी UPI ID का QR उसी रकम का होता है, इसलिए UPI वाली रकम में ग़लती कम होती है। कैंसिल हुए बिल बिक्री में नहीं गिने जाते, पर हिस्ट्री में वजह के साथ रहते हैं।
रात को गल्ला कैसे मिलाएँ (2 मिनट)
बिल सिंक करें
दुकान बंद करते समय देखें कि हर फ़ोन के बिल सिंक हो गए हैं। ऐप बता देता है अगर किसी फ़ोन के बिल बाकी हैं।
नोट गिनें
“दिन बंद करें (गल्ला गिनें)” खोलें। ₹500, ₹200, ₹100, ₹50, ₹20, ₹10 के नोट कितने हैं, और सिक्के कितने रुपये के, यह भरें। कुल अपने आप जुड़ता है।
गल्ले से खर्च लिखें
आज गल्ले से जो पैसा दिया, जैसे चाय, टेम्पो, मज़दूरी, एडवांस, वह हर एक नाम और रकम के साथ लिखें।
कल के लिए छोड़ें
कितना कैश कल के लिए गल्ले में छोड़ रहे हैं, यह लिखें। बाकी घर या बैंक जाता है। यही रकम कल का शुरुआती कैश बनती है।
फ़र्क देखें
मालिक को दिखता है कि गल्ले में कितना होना चाहिए था, कितना गिना, और फ़र्क: मिलान सही, कम या ज़्यादा।
उसी दिन का उदाहरण। सुबह गल्ले में ₹2,000 थे:
| गल्ले में कितना होना चाहिए | रकम |
|---|---|
| शुरुआती कैश | ₹2,000 |
| + कैश बिक्री | ₹18,450 |
| + कैश में उधार वसूली (पुराने ग्राहक ने दिए) | ₹1,500 |
| − कैश वापसी (एक ग्राहक को माल वापसी का पैसा) | ₹700 |
| − गल्ले से खर्च (चाय ₹120, टेम्पो ₹300) | ₹420 |
| होना चाहिए | ₹20,830 |
गिनती में निकला: ₹500 × 30, ₹200 × 15, ₹100 × 20, ₹50 × 10, ₹20 × 8, ₹10 × 5 और ₹20 के सिक्के, यानी ₹20,730। फ़र्क: ₹100 कम। मालिक ने ₹2,000 कल के लिए गल्ले में छोड़े और ₹18,730 घर ले गए। कल का शुरुआती कैश अपने आप ₹2,000 होगा।
स्टाफ गल्ला गिने तो उसे “होना चाहिए” और फ़र्क नहीं दिखता, सिर्फ़ मालिक को। स्टाफ एक बार सेव कर सकता है; उसके बाद सिर्फ़ मालिक बदल सकता है। गिनती के बाद कोई देर से सिंक हुआ बिल या वापसी आए, तो मालिक को नया “होना चाहिए” दिखता है। गल्ला Android ऐप और कंप्यूटर, दोनों पर है। UPI और कार्ड का पैसा गल्ले में नहीं गिना जाता; उसे बैंक ऐप में देखें।
रोज़ की बिक्री WhatsApp पर
मालिक हर दिन दुकान पर नहीं रहता। Settings → WhatsApp में ऑटोमैटिक WhatsApp और “Daily sales report on WhatsApp” (रोज़ की बिक्री रिपोर्ट) चालू करें, और समय चुनें (दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक)। उस समय मालिक के WhatsApp पर आज की कुल बिक्री, बिलों की गिनती और PDF रिपोर्ट आती है। सोमवार को पिछले हफ़्ते की और हर महीने की 1 तारीख़ को पिछले महीने की रिपोर्ट आती है। जिस दिन दुकान बंद रही और कोई बिल नहीं बना, उस दिन मैसेज नहीं आता। रिपोर्ट दुकान की बिल-भाषा में आती है, जैसे हिंदी। सेल्स रिपोर्ट के बारे में (English)
उधार का हिसाब बिल के साथ
उधार अलग कॉपी में नहीं, बिल पर ही रखें: पेमेंट में “उधार” चुनें (पूरा बिल या उसका हिस्सा)। ग्राहक सूची में “उधार बाकी” से देखें किसका कितना है, थोड़ा-थोड़ा पैसा “वसूली” में दर्ज करें, और “याद दिलाएं” से अपने फ़ोन से WhatsApp पर रकम और UPI ID भेजें। रिपोर्ट बताती है इस अवधि में कितना उधार दिया, कितना वसूला और कुल कितना बाकी है। पूरा तरीका: दुकान में उधार का हिसाब कैसे रखें।
माल वापसी और बदली
कपड़े की दुकान में साइज़ बदलना रोज़ का काम है। पुराने बिल पर “Return / exchange” से माल वापस लें; ऐप क्रेडिट नोट (CN-0001) बनाता है। पैसे लौटाएँ या रकम ग्राहक के खाते में डालकर नया बिल बनाएँ। रिपोर्ट में वापसी अलग दिखती है और असली (नेट) बिक्री मिलती है, ताकि बिक्री बढ़ा-चढ़ाकर न दिखे। वापसी और बदली (English)
जो बिका नहीं: “स्टॉक में नहीं” की सूची
ग्राहक काली जींस 34 नंबर माँगे और आपके पास न हो, तो बिल नहीं बनता और यह कहीं लिखा भी नहीं जाता। बिल स्क्रीन पर “स्टॉक में नहीं? ग्राहक ने क्या माँगा, लिख लें” दबाएँ, आइटम, साइज़ और रंग चुनें, चाहें तो ग्राहक का नंबर। हफ़्ते के आख़िर में मालिक को सबसे ज़्यादा माँगी गई चीज़ें दिखती हैं, जैसे “जींस · 34 · काली: 6 ग्राहकों ने माँगी”। अगली ख़रीद में वही लाएँ, और माल आने पर उन ग्राहकों को WhatsApp करें। स्टॉक में नहीं की सूची (English)
हफ़्ते और महीने का हिसाब
- कौन सी कैटेगरी या आइटम सबसे ज़्यादा बिके, और सबसे ज़्यादा ख़रीदने वाले ग्राहक।
- हर स्टाफ ने कितने बिल बनाए और कितनी बिक्री की; मोल-भाव गार्ड चालू हो तो किसने कितना डिस्काउंट दिया। मोल-भाव में घाटा कैसे रोकें
- गल्ले का पिछले 7, 30 या 90 दिन का हिसाब: किस दिन कम निकला, किस दिन ज़्यादा।
- महीने के आख़िर में CA के लिए बिलों की Excel (CSV) फ़ाइल और GST रिपोर्ट। GST बिल कैसे बनाएं
क्या नहीं होता
- पूरा खाता-बही या खर्च का लेजर नहीं: किराया, बिजली, तनख़्वाह, सप्लायर का पेमेंट और बैंक का हिसाब इसमें नहीं है। गल्ले से दिए छोटे खर्च (चाय, टेम्पो) सिर्फ़ दिन बंद करते समय लिखे जाते हैं।
- मुनाफ़ा-नुकसान (P&L) और बैलेंस शीट नहीं। जिन आइटम की ख़रीद डाली है, उन पर मुनाफ़ा दिखता है, पर दुकान का पूरा मुनाफ़ा नहीं। इसके लिए अपने CA या Tally जैसा अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर रखें।
- ख़रीद बिल और सप्लायर का खाता नहीं। GST रिटर्न फ़ाइल नहीं करता; रिपोर्ट CA की मदद के लिए है।
- उधार सिर्फ़ बिल से आता है: किसी को दिया पैसा या बिना बिल की एंट्री नहीं।