गाइड

पक्का बिल कैसे बनाएं

Tap & Bill टीम · अपडेट

पक्का बिल क्या है और कैसे बनाएं?

पक्का बिल वह बिल है जिस पर दुकान का नाम-पता, क्रम से चलने वाला बिल नंबर, तारीख़, हर आइटम की मात्रा-रेट और कुल रकम हो, और जिसकी कॉपी दुकान के रिकॉर्ड में रहे। GST में रजिस्टर्ड दुकान के लिए पक्का बिल यानी GST टैक्स इनवॉइस (GSTIN, HSN और CGST + SGST के साथ); टैक्स वाली बिक्री पर बिना नंबर की पर्ची यानी कच्चा बिल देना GST कानून के ख़िलाफ़ है। GST नंबर नहीं है तो बिना GST का सादा, नंबर वाला बिल ही पक्का बिल है। बिलिंग ऐप में यह हर बिक्री पर अपने आप बनता है।

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कच्चा बिल और पक्का बिल में फर्क

कच्चा बिल (पर्ची)पक्का बिल
क्या हैहाथ से लिखी पर्ची या अंदाज़े का हिसाब, अक्सर बिना बिल नंबरदुकान का असली बिल, क्रम से नंबर, कॉपी दुकान में
दुकान का नाम और पताअक्सर नहींहाँ
बिल नंबर और तारीख़अक्सर नहींहाँ, हर बिल का अलग नंबर
GSTनहीं दिखतारजिस्टर्ड दुकान: GSTIN, दर, CGST + SGST; GST नंबर नहीं: कोई GST नहीं
दुकान के हिसाब मेंअक्सर दर्ज नहीं होताबिक्री, गल्ले और GST रिपोर्ट में आता है
बदली और वारंटीग्राहक के पास पक्का सबूत नहींग्राहक बिल दिखाकर बदली करा सकता है

“कच्चा” और “पक्का” बिल कानून के शब्द नहीं, बाज़ार की बोलचाल है। आम तौर पर कच्चा बिल यानी बिना नंबर की पर्ची या अंदाज़े का हिसाब, जो दुकान के रिकॉर्ड में नहीं जाता; पक्का बिल यानी नंबर वाला असली बिल, जिसकी कॉपी दुकान में रहती है। कई बार ग्राहक ख़ुद कहता है “कच्चा बिल दे दो, GST मत लगाओ”। GST में रजिस्टर्ड दुकान के लिए ऐसा करना ठीक नहीं, नीचे देखें क्यों।

हाथ से लिखी बिल बुक और मोबाइल बिलिंग ऐप की तुलना
बिल बुक या पर्ची बनाम बिलिंग ऐप: ऐप में हर बिल का नंबर और कॉपी अपने आप।

आपकी दुकान को कौन सा पक्का बिल देना है

आपकी दुकानपक्का बिलबिल पर GSTबिल पर GSTIN
GST में रजिस्टर्ड नहीं (बिक्री सीमा से कम)सादा बिल (कैश मेमो)नहीं: GST के नाम पर कोई रकम नहीं ले सकतेनहीं
रजिस्टर्ड, कंपोज़िशन स्कीम मेंबिल ऑफ़ सप्लाईनहींहाँ, आपका
रजिस्टर्ड, आम (रेगुलर) GSTटैक्स इनवॉइस (GST बिल)हाँ: कपड़ों पर एक पीस ₹2,500 तक 5%, ऊपर 18%हाँ, आपका (B2B में ग्राहक का भी)

कानून: CGST एक्ट की धारा 31 कहती है कि रजिस्टर्ड दुकान टैक्स वाला माल देते समय या उससे पहले टैक्स इनवॉइस देगी, और कंपोज़िशन वाली दुकान या छूट वाला (exempt) माल बेचने वाली दुकान टैक्स इनवॉइस की जगह बिल ऑफ़ सप्लाई देगी। धारा 32 कहती है कि जो रजिस्टर्ड नहीं है, वह GST के नाम पर कोई रकम नहीं ले सकता।

कच्चा बिल देने में दिक़्क़त क्या है

  • रजिस्टर्ड दुकान के लिए नियम टूटता है। टैक्स वाली बिक्री बिना इनवॉइस करना GST एक्ट की धारा 122 में आता है: जुर्माना ₹10,000 या बचाए गए टैक्स के बराबर, जो भी ज़्यादा हो, और बचाया हुआ टैक्स तो भरना ही पड़ता है।
  • बिक्री का हिसाब अधूरा रहता है। पर्ची वाली बिक्री गल्ले, बिक्री रिपोर्ट और CA के हिसाब में नहीं आती, इसलिए रात को गल्ला मिलाना और महीने का मुनाफ़ा जानना मुश्किल होता है।
  • ग्राहक का भरोसा कम होता है। बदली या वारंटी के समय ग्राहक के पास सबूत नहीं होता, और बिज़नेस ग्राहक कच्चे बिल पर GST का इनपुट क्रेडिट नहीं ले सकता।
  • स्टाफ पर नज़र नहीं रहती। बिना नंबर की पर्ची से बिक्री बिल में आए बिना ग़ायब हो सकती है। देखें दुकान में स्टाफ की चोरी कैसे रोकें।

₹200 से कम की बिक्री पर बिल ज़रूरी है?

रजिस्टर्ड दुकान ₹200 से कम की बिक्री पर अलग टैक्स इनवॉइस न दे, इसकी छूट है, पर शर्तों के साथ: ग्राहक GST में रजिस्टर्ड न हो, ग्राहक बिल न माँगे, और दुकान दिन के अंत में ऐसी सारी बिक्री का एक जोड़ा हुआ (consolidated) टैक्स इनवॉइस बनाए (धारा 31(3)(b) और नियम 46)। बिलिंग ऐप में छोटी बिक्री का भी बिल बनाना आसान है: वॉक-इन बिल में ग्राहक का नाम या नंबर नहीं चाहिए, और Quick bill में सिर्फ़ रकम लिखकर बिल बन जाता है।

GST वाले पक्के बिल (टैक्स इनवॉइस) पर क्या-क्या हो

  • दुकान का नाम, पता और 15 अक्षरों का GSTIN
  • बिल नंबर: 16 अक्षरों तक, क्रम से, पूरे वित्त वर्ष में एक नंबर एक ही बार (जैसे INV-0042)
  • बिल की तारीख़
  • ग्राहक GST में रजिस्टर्ड हो तो उसका नाम, पता और GSTIN
  • बिना GST वाले ग्राहक का बिल ₹50,000 या उससे ज़्यादा का हो तो उसका नाम, पता, डिलीवरी का पता और राज्य
  • हर आइटम: नाम, HSN कोड, मात्रा, और डिस्काउंट के बाद कर योग्य रकम
  • GST की दर और CGST + SGST की रकम (दूसरे राज्य की बिक्री में IGST)
  • बिल की कुल रकम; कागज़ के बिल पर दुकान वाले के दस्तख़त (इलेक्ट्रॉनिक बिल पर ज़रूरी नहीं)
Tap & Bill से बना कपड़े की दुकान का पक्का GST बिल: GSTIN, HSN कोड, CGST और SGST
पक्का GST बिल (PDF): GSTIN, HSN कोड, CGST + SGST।

कपड़ों पर GST की दर, HSN कोड और ₹ का पूरा उदाहरण: कपड़े की दुकान का GST बिल कैसे बनाएं।

GST नंबर नहीं है तो पक्का बिल कैसा हो

GST में रजिस्टर्ड नहीं हैं, तब भी हर बिक्री का नंबर वाला बिल दें: दुकान का नाम-पता-फ़ोन, बिल नंबर, तारीख़, आइटम, मात्रा, रेट, डिस्काउंट और कुल। बिल पर GSTIN, “टैक्स इनवॉइस”, CGST/SGST या “GST सहित” जैसी कोई लाइन न लिखें। यही आपका पक्का बिल है। तरीका और छपे बिल का नमूना: बिना GST नंबर के बिल कैसे बनाएं।

मोबाइल से पक्का बिल कैसे बनाएं (4 स्टेप)

  1. दुकान की जानकारी एक बार भरें

    कंप्यूटर वाले डैशबोर्ड की Settings में दुकान का नाम, पता, फ़ोन और बिल नंबर का शुरुआती शब्द (जैसे INV) भरें। GST रजिस्टर्ड हैं तो GSTIN डालें और “Print GST tax invoice” चालू करें।

  2. GST सेटिंग चुनें

    ऐप में सेटिंग्स → GST → “क्या आपकी दुकान GST लेती है?”: रजिस्टर्ड हैं तो “कपड़ों का नियम” या “सब पर एक ही रेट”, रजिस्टर्ड नहीं हैं तो “GST नहीं”। नई दुकान पहले से “GST नहीं” पर होती है।

  3. बिल बनाएँ

    आइटम पर टैप करें या Quick bill में रकम लिखें, ग्राहक का मोबाइल डालें या वॉक-इन रखें, और कैश, UPI, कार्ड या उधार चुनें।

  4. सेव, प्रिंट और WhatsApp

    सेव करते ही बिल को क्रम से अगला नंबर मिलता है (जैसे INV-0042), बिल थर्मल प्रिंटर पर छपता है और ग्राहक को WhatsApp पर PDF जा सकता है। हर बिल हिस्ट्री में रहता है।

Tap & Bill में बिल डिलीट करने का बटन नहीं है। ग़लत बिल वजह लिखकर “रद्द” होता है और अपने नंबर के साथ हिस्ट्री में रहता है, इसलिए बिल नंबरों में बीच का कोई नंबर ग़ायब नहीं होता। बिल बनाने का पूरा तरीका: मोबाइल से दुकान का बिल कैसे बनाएं।

एस्टिमेट (अंदाज़े का बिल) और पक्का बिल

ख़रीद से पहले ग्राहक को दाम का अंदाज़ा (एस्टिमेट या कोटेशन) देना ठीक है, पर माल देते समय पक्का बिल दें। एस्टिमेट को बिल की तरह इस्तेमाल न करें। Tap & Bill में अलग एस्टिमेट या कोटेशन नहीं बनता; बिक्री होने पर सीधे बिल बनाएँ।

क्या नहीं होता

  • अलग से एस्टिमेट या कोटेशन नहीं बनता; बिक्री होने पर बिल बनता है।
  • कंपोज़िशन डीलर के लिए “Bill of Supply” शीर्षक और ऊपर वाली कंपोज़िशन लाइन अभी नहीं छपती।
  • ग्राहक का पता नहीं रखा जाता: बिना GST वाले ग्राहक का ₹50,000 या उससे बड़ा टैक्स इनवॉइस बनाना हो, तो पता और राज्य के लिए अपने CA से पूछें।
  • दूसरे राज्य के ग्राहक के लिए IGST बिल नहीं बनता; बिल पर CGST + SGST होता है।
  • GST रिटर्न फ़ाइल नहीं करता; CA के लिए GST रिपोर्ट मिलती है।

स्रोत (CBIC, 15 अक्टूबर 2026 को देखा): CGST एक्ट धारा 31 · धारा 32 · धारा 122 · नियम 46 · नियम 49। यह जानकारी के लिए गाइड है, टैक्स सलाह नहीं: अपना मामला अपने CA से पक्का करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Pakka bill kaise banaye mobile se? (मोबाइल से पक्का बिल कैसे बनाएं)

बिलिंग ऐप में दुकान का नाम, पता और बिल नंबर एक बार सेट करें, GST रजिस्टर्ड हैं तो GSTIN और टैक्स इनवॉइस चालू करें, फिर हर बिक्री पर आइटम टैप करके सेव करें। ऐप हर बिल को क्रम से नंबर देता है, थर्मल प्रिंटर पर छापता है और WhatsApp पर PDF भेज सकता है। Tap & Bill ₹199 प्रति माह से है, पहले 14 दिन फ्री।

क्या कच्चा बिल देना ग़ैरक़ानूनी है?

GST में रजिस्टर्ड दुकान के लिए टैक्स वाली बिक्री पर टैक्स इनवॉइस देना ज़रूरी है (CGST एक्ट धारा 31); बिना इनवॉइस बिक्री पर धारा 122 में ₹10,000 या बचाए गए टैक्स जितना, जो भी ज़्यादा हो, जुर्माना है। जो दुकान रजिस्टर्ड नहीं है उस पर GST इनवॉइस का नियम नहीं लगता, पर हर बिक्री का नंबर वाला सादा बिल रखना फिर भी समझदारी है। अपना मामला CA से पक्का करें।

ग्राहक कहे “GST मत लगाओ, कच्चा बिल दे दो” तो क्या करें?

अगर आप GST में रजिस्टर्ड हैं तो विनम्रता से मना करें: हर बिक्री पर GST बिल देना आपकी ज़िम्मेदारी है, और बिल ग्राहक के लिए भी बदली और वारंटी का सबूत है। दाम पर बात करनी है तो डिस्काउंट दें। GST डिस्काउंट के बाद के दाम पर लगता है, और कपड़ों में एक पीस ₹2,500 से नीचे आते ही 18% की जगह 5% लगता है।

GST नंबर नहीं है तो पक्का बिल कैसे दें?

सादा, नंबर वाला बिल दें: दुकान का नाम, बिल नंबर, तारीख़, आइटम, रेट और कुल, बिना GST, बिना GSTIN और बिना “टैक्स इनवॉइस” शब्द के। Tap & Bill में सेटिंग्स → GST → “GST नहीं” चुनें। पूरा तरीका: बिना GST नंबर के बिल कैसे बनाएं।

क्या WhatsApp पर भेजा PDF बिल पक्का बिल है?

हाँ, अगर उस पर वही सब है जो छपे बिल पर है। Tap & Bill में PDF बिल और थर्मल रसीद एक ही बिल नंबर के होते हैं; GST टैक्स इनवॉइस चालू हो तो PDF पर GSTIN, HSN और CGST + SGST भी होते हैं। नियम 46 के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक बिल पर दस्तख़त ज़रूरी नहीं।

बिल नंबर कैसे रखें?

क्रम से, बिना छोड़े, और पूरे वित्त वर्ष में एक नंबर एक ही बार (16 अक्षरों तक; अक्षर, अंक, “-” और “/” चल सकते हैं)। ग़लत बिल फाड़ें या मिटाएँ नहीं, रद्द करें। Tap & Bill नंबर अपने आप देता है (INV-0001, INV-0002…), और रद्द बिल भी अपने नंबर के साथ हिस्ट्री में रहता है।

कंपोज़िशन वाले डीलर का पक्का बिल क्या है?

बिल ऑफ़ सप्लाई, जिसके ऊपर लिखा हो “composition taxable person, not eligible to collect tax on supplies” (नियम 5 और 49)। ध्यान दें: Tap & Bill अभी “Bill of Supply” शीर्षक और यह लाइन नहीं छापता; कंपोज़िशन में हैं तो पहले अपने CA से बात करें।

फ्री डेमो बुक करें

हम एक कामकाजी दिन में कॉल या WhatsApp करके आपके आइटम के साथ पक्का बिल, GST बिल और WhatsApp बिल दिखाएँगे। फ़ॉर्म हिंदी या अंग्रेज़ी में भरें।

  • फ़ोन या वीडियो कॉल पर 10 मिनट का डेमो
  • 14 दिन फ्री ट्रायल, कोई कार्ड नहीं
  • आपकी कैटेगरी और रेट हम आपके साथ सेट करेंगे

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