गाइड
बिना GST नंबर के बिल कैसे बनाएं
क्या बिना GST नंबर के दुकान बिल दे सकती है?
हाँ। जो दुकान GST में रजिस्टर्ड नहीं है, वह सादा बिल (कैश मेमो) देती है: दुकान का नाम, बिल नंबर, तारीख़, आइटम, रेट और कुल, पर कोई GST नहीं, कोई GSTIN नहीं और “टैक्स इनवॉइस” शब्द नहीं, क्योंकि GST सिर्फ़ रजिस्टर्ड दुकान ले सकती है। सिर्फ़ सामान बेचने वाली दुकान को ज़्यादातर राज्यों में साल की बिक्री ₹40 लाख (कुछ राज्यों में ₹20 लाख) पार होने पर रजिस्टर करना होता है। Tap & Bill में सेटिंग्स → GST → “GST नहीं” चुनें।
आपकी दुकान को कौन सा बिल देना है
| आपकी दुकान | कौन सा बिल | बिल पर GST | बिल पर GSTIN |
|---|---|---|---|
| GST में रजिस्टर्ड नहीं (बिक्री सीमा से कम) | सादा बिल या कैश मेमो | नहीं: GST के नाम पर कोई रकम नहीं ले सकते | नहीं (आपके पास है ही नहीं) |
| रजिस्टर्ड, कंपोज़िशन स्कीम में | बिल ऑफ़ सप्लाई | नहीं: टैक्स आप अपनी बिक्री के छोटे % से ख़ुद भरते हैं (व्यापारी के लिए 1%) | हाँ, आपका |
| रजिस्टर्ड, सिर्फ़ छूट वाला (exempt) माल | बिल ऑफ़ सप्लाई | नहीं | हाँ, आपका |
| रजिस्टर्ड, आम GST | टैक्स इनवॉइस | हाँ: कपड़ों पर एक पीस ₹2,500 तक 5%, ऊपर 18% | हाँ, आपका (B2B बिल पर ग्राहक का भी) |
कानून: CGST एक्ट की धारा 32 कहती है कि जो रजिस्टर्ड नहीं है वह टैक्स के नाम पर कोई रकम नहीं ले सकता, और धारा 31 कहती है कि छूट वाला माल बेचने वाली या कंपोज़िशन में टैक्स भरने वाली रजिस्टर्ड दुकान टैक्स इनवॉइस की जगह बिल ऑफ़ सप्लाई देगी। आम रजिस्टर्ड दुकान टैक्स इनवॉइस देती है: GST बिल कैसे बनाएं।
GST नंबर कब लेना पड़ता है
| आप क्या बेचते हैं | साल की बिक्री इससे ऊपर जाए तो रजिस्टर करें | कम सीमा वाले राज्य |
|---|---|---|
| सिर्फ़ सामान (कपड़े, जूते, किराना) | ₹40 लाख | ₹20 लाख: अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नगालैंड, पुदुचेरी, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तराखंड |
| सेवा, या सामान और सेवा दोनों | ₹20 लाख | ₹10 लाख: मणिपुर, मिज़ोरम, नगालैंड और त्रिपुरा |
यहाँ बिक्री का मतलब साल भर की कुल बिक्री (टर्नओवर) है, मुनाफ़ा नहीं। ₹40 लाख की सीमा सिर्फ़ सामान बेचने वाली दुकान के लिए है; जो बुटीक सिलाई के पैसे भी लेता है वह सेवा भी देता है, इसलिए CA से पूछें कि ₹20 लाख वाली सीमा तो नहीं लगती। सीमा से कम होने पर भी कुछ दुकानों को रजिस्टर करना पड़ता है, जैसे जो दूसरे राज्य के ग्राहक को माल भेजती हैं; ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर बेचने के नियम अलग हैं। चाहें तो सीमा से पहले भी रजिस्टर कर सकते हैं, पर फिर हर बिक्री पर GST के नियम लागू होंगे।
सीमा से नीचे रहते हुए भी हर बिक्री का नंबर वाला बिल बनाएँ: इन्हीं बिलों से आपको और आपके CA को पता चलता है कि आप सीमा के कितने पास हैं। Tap & Bill की रिपोर्ट में हर महीने की कुल बिक्री दिखती है।
बिना GST के बिल पर क्या लिखें
- दुकान का नाम, पता और फ़ोन नंबर
- क्रम से चलने वाला बिल नंबर (1, 2, 3… या INV-1001, INV-1002…) और तारीख़
- ग्राहक का नाम और मोबाइल, अगर हैं (वॉक-इन बिक्री में ज़रूरी नहीं)
- हर आइटम: मात्रा, रेट और रकम; बदली में काम आए तो साइज़ या रंग
- डिस्काउंट हो तो वह, और कुल रकम
- पेमेंट कैसे हुआ: कैश, UPI, कार्ड या उधार
न लिखें: कोई GSTIN, “टैक्स इनवॉइस” शब्द, CGST, SGST या IGST की लाइन, और “GST सहित” या “सभी टैक्स शामिल” जैसी लाइन जिससे लगे कि आपने GST लिया है। सादे बिल पर HSN कोड की ज़रूरत नहीं।
उदाहरण: Tap & Bill का बिना GST वाला बिल
एक छोटी कपड़े की दुकान “GST नहीं” पर है। ग्राहक दो कुर्ती, लेगिंग और दुपट्टा लेता है, ₹50 की छूट मिलती है और ₹2,000 कैश देता है। 58 mm थर्मल प्रिंटर पर रसीद ठीक ऐसी छपती है:
SAI FASHION HUB
Shop 12, MG Road, Pune
Ph: 9820012345
--------------------------------
Bill: INV-1042 14/10/26 11:42
Cust: Ramesh
Mob : +91 9876543210
--------------------------------
Item Qty Rate Amount
Kurti 2 650 1,300
M - Maroon
Leggings 1 350 350
Dupatta 1 400 400
--------------------------------
Subtotal 2,050
Discount -50
--------------------------------
TOTAL Rs 2,000
Paid by Cash
--------------------------------
Thank you! Visit again.
Billing by Tap & Bill -
tapandbill.inथर्मल रसीद अंग्रेज़ी में छपती है। यही बिल ग्राहक को WhatsApp पर PDF में भी जाता है, और PDF हिंदी, गुजराती या अंग्रेज़ी में हो सकता है। प्रिंटर जोड़ने का तरीका: मोबाइल से बिल प्रिंट कैसे निकालें।
बिल ऑफ़ सप्लाई कब देना है
बिल ऑफ़ सप्लाई सिर्फ़ रजिस्टर्ड दुकान देती है जो उस बिक्री पर GST नहीं लेती: कंपोज़िशन स्कीम वाली दुकान, या जो सिर्फ़ छूट वाला माल बेचती है। उस पर दुकान का GSTIN, क्रम से बिल नंबर, तारीख़, HSN, आइटम और रकम होती है (नियम 49), और कंपोज़िशन वाली दुकान को बिल के ऊपर लिखना होता है “composition taxable person, not eligible to collect tax on supplies” और दुकान के बोर्ड पर “composition taxable person” (नियम 5)। जो दुकान रजिस्टर्ड ही नहीं, उसे बिल ऑफ़ सप्लाई नहीं, सादा बिल देना है।
Tap & Bill के बारे में साफ़ बात: “GST नहीं” के साथ GSTIN सेव हो तो बिल पर GSTIN छपता है और टैक्स नहीं, पर अभी “Bill of Supply” शीर्षक और कंपोज़िशन वाली लाइन नहीं छपती, और HSN सिर्फ़ टैक्स इनवॉइस पर छपता है। कंपोज़िशन में हैं तो इन बिलों से पहले अपने CA से पूछें, और ज़रूरत हो तो हमें बताएँ।
Tap & Bill में बिना GST के बिल: 4 स्टेप
“GST नहीं” चुनें
ऐप में सेटिंग्स → GST → “क्या आपकी दुकान GST लेती है?” → “GST नहीं” (दुकान GST में रजिस्टर्ड नहीं है। बिल पर टैक्स नहीं।)। नई दुकान पहले से यहीं होती है।
GSTIN खाली रखें
कंप्यूटर वाले डैशबोर्ड की Settings में दुकान की जानकारी में GSTIN का खाना खाली रखें। जो GSTIN लिखेंगे, वह हर बिल पर छपेगा।
हमेशा की तरह बिल बनाएँ
आइटम टैप करें या Quick bill में रकम लिखें, ग्राहक जोड़ें या वॉक-इन रखें, और कैश, UPI, कार्ड, आधा-आधा या उधार चुनें।
प्रिंट करें या WhatsApp करें
बिल थर्मल प्रिंटर पर छपता है और WhatsApp पर जाता है, बिना टैक्स की लाइन और बिना “टैक्स इनवॉइस” शीर्षक के।
सिर्फ़ टैक्स इनवॉइस बंद करना काफ़ी नहीं। “Print GST tax invoice” सिर्फ़ बिल का शीर्षक, HSN और CGST + SGST वाला रूप तय करता है। GST में “कपड़ों का नियम” या “सब पर एक ही रेट” चुना है, तो टैक्स इनवॉइस बंद होने पर भी बिल में GST जुड़ता है (“GST 5%” की लाइन)। GST नंबर नहीं है तो “GST नहीं” ही चुनें।
बाद में GST नंबर मिल जाए तो: GSTIN सेव करें, कपड़ों का नियम (एक पीस ₹2,500 तक 5%, ऊपर 18%) चुनें और कंप्यूटर पर “Print GST tax invoice” चालू करें। ग्राहक, आइटम और बिल नंबर वैसे ही चलते रहते हैं।
Mobile se bill kaise banaye without GST? Tap & Bill kholiye, सेटिंग्स → GST mein “GST नहीं” chuniye, item tap kijiye ya Quick bill mein rakam likhiye aur save kijiye: bill bina GST ke print hoga aur WhatsApp par jayega.
ऐसी दुकानों के लिए कौन सा प्लान
बिना GST नंबर वाली ज़्यादातर दुकानें छोटी होती हैं: महीने में कुछ सौ बिल, मालिक ख़ुद या एक स्टाफ, और बिल ग्राहक को अपने फ़ोन के WhatsApp से। इनके लिए Basic (₹199 प्रति माह) ठीक बैठता है। भीड़ ज़्यादा हो और बिल सेव होते ही अपने आप WhatsApp पर जाना चाहिए, तो Starter (₹499)। ₹199 में क्या मिलता है और क्या नहीं
क्या नहीं होता
- “Bill of Supply” शीर्षक और कंपोज़िशन वाली लाइन अभी नहीं छपती।
- HSN कोड सिर्फ़ टैक्स इनवॉइस पर छपता है, सादे बिल पर नहीं।
- Tap & Bill यह नहीं बताता कि आपको GST रजिस्ट्रेशन कब लेना है; बिक्री की रिपोर्ट देखकर अपने CA से तय करें।