गाइड

कपड़े की दुकान कैसे खोलें: पूरी चेकलिस्ट

Tap & Bill टीम · अपडेट

कपड़े की दुकान कैसे खोलें?

पहले तय करें कि किसके लिए क्या बेचेंगे (रेडीमेड, साड़ी, बच्चों के कपड़े), फिर ऐसी जगह लें जहाँ आपके ग्राहक आते हों। थोक बाज़ार से कम डिज़ाइन और चलने वाले साइज़ ज़्यादा लेकर शुरू करें। काग़ज़ में: अपने राज्य के नियम से दुकान का रजिस्ट्रेशन, बैंक खाता और UPI QR, Udyam (फ्री, ज़रूरी नहीं), और GST नंबर तब जब सिर्फ़ सामान की साल की बिक्री ₹40 लाख (कुछ राज्यों में ₹20 लाख) से ऊपर जाए। पहले दिन से हर बिक्री का बिल बनाएँ, मोबाइल ऐप और थर्मल प्रिंटर से।

₹199/माह से (GST अलग) · 14 दिन फ्री ट्रायल, कोई कार्ड नहीं · ₹199 में क्या मिलता है

8 स्टेप की चेकलिस्ट

  1. तय करें क्या और किसके लिए बेचेंगे

    रेडीमेड, साड़ी, बच्चों के कपड़े, लेडीज़ या जेंट्स: एक-दो कैटेगरी से शुरू करें जिन्हें आप अच्छी तरह जानते हैं, और देखें कि आस-पास किसकी कमी है।

  2. जगह चुनें

    जहाँ आपके ग्राहक पहले से आते हों; सामने से दिखने वाली दुकान, ट्रायल रूम, अच्छी रोशनी और लिखित किराया एग्रीमेंट।

  3. खर्च और पूंजी का हिसाब लगाएँ

    डिपॉज़िट, काम, पहला माल, बिलिंग, और कुछ महीनों का किराया-तनख़्वाह हाथ में।

  4. माल ख़रीदें

    थोक बाज़ार से कम डिज़ाइन और चलने वाले साइज़ ज़्यादा। हर माल का बिल लें और ख़रीद का दाम लिखें।

  5. काग़ज़ी काम पूरा करें

    राज्य के नियम से दुकान का रजिस्ट्रेशन, ज़रूरत हो तो ट्रेड लाइसेंस, Udyam (फ्री), और बिक्री सीमा पार होने पर GST।

  6. बैंक और UPI

    दुकान के नाम का बैंक खाता और UPI QR, ताकि कैश और UPI अलग दिखें।

  7. बिलिंग सेट करें

    मोबाइल बिलिंग ऐप में कैटेगरी और रेट, थर्मल प्रिंटर, WhatsApp बिल और GST सेटिंग।

  8. स्टाफ और रोज़ का हिसाब

    हर स्टाफ का अलग लॉगिन, हर आइटम का कम से कम दाम, और रात को गल्ला मिलान।

1. क्या बेचेंगे और किसके लिए

“कपड़े की दुकान” बहुत बड़ा शब्द है। बच्चों के कपड़े, लेडीज़ कुर्ती-सूट, जेंट्स शर्ट-जींस, साड़ी, होज़री या स्कूल यूनिफ़ॉर्म: हर एक का ग्राहक, सीज़न और मार्जिन अलग है। शुरू में एक या दो कैटेगरी चुनें जिन्हें आप या आपका परिवार अच्छी तरह जानता है। आपके इलाके में किस दाम का माल ज़्यादा बिकता है, यह आस-पास की दुकानों के बाहर दो-तीन शाम खड़े होकर देखना किसी रिपोर्ट से बेहतर है।

  • मेरे ग्राहक कौन हैं: आस-पास के परिवार, कॉलेज के छात्र, ऑफ़िस वाले, या गाँव से आने वाले ग्राहक?
  • वे एक पीस पर आम तौर पर कितना ख़र्च करते हैं?
  • आस-पास कौन सी दुकानें हैं, और उनमें क्या नहीं मिलता?
  • मेरा सबसे बड़ा सीज़न कौन सा है: शादी, त्योहार, स्कूल खुलना, सर्दी?

2. जगह कैसे चुनें

  • जहाँ आपके ग्राहक पहले से आते हैं: बाज़ार, स्कूल-कॉलेज के पास, या रिहायशी इलाके का मुख्य रास्ता।
  • सड़क से दिखने वाला सामने का हिस्सा और बोर्ड की जगह; कपड़े बाहर से दिखें।
  • ट्रायल रूम की जगह, अच्छी रोशनी और आईना: कपड़े की बिक्री इन्हीं पर टिकी है।
  • किराया, डिपॉज़िट और हर साल की बढ़ोतरी लिखित एग्रीमेंट में; बिजली का मीटर किसके नाम है।
  • मोबाइल नेटवर्क: UPI और WhatsApp बिल के लिए। (Tap & Bill का Android ऐप बिना इंटरनेट भी बिल बनाता और छापता है।)

3. खर्च का हिसाब कैसे लगाएँ

दुकान खोलने का खर्च शहर, जगह और माल पर इतना बदलता है कि कोई एक आँकड़ा सही नहीं होगा, इसलिए हम यहाँ अंदाज़े का “कुल खर्च” नहीं दे रहे। अपना हिसाब इन खानों में लगाएँ:

खर्चएक बार या हर महीनेअपना आँकड़ा कहाँ से लें
दुकान का डिपॉज़िट और किरायाएक बार + हर महीनेमकान मालिक या प्रॉपर्टी डीलर
काम: रैक, काउंटर, ट्रायल रूम, लाइट, आईना, बोर्डएक बारस्थानीय कारीगर से 2–3 कोटेशन
पहला मालएक बार, फिर हर सीज़नथोक बाज़ार; शुरू में कम डिज़ाइन
बिलिंग: फ़ोन + थर्मल प्रिंटरएक बार58 mm Bluetooth प्रिंटर ऑनलाइन लिस्टिंग में लगभग ₹2,000–₹3,000 (13 अक्टूबर 2026)
बिलिंग ऐपहर महीनेTap & Bill ₹199 प्रति माह से + GST; पहले 14 दिन फ्री
स्टाफ की तनख़्वाह, बिजली, इंटरनेटहर महीनेआपके इलाके के रेट
रजिस्ट्रेशनएक बारUdyam फ्री; GST रजिस्ट्रेशन gst.gov.in पर ख़ुद करें तो सरकारी फ़ीस नहीं (CA से कराएँ तो उनकी फ़ीस); दुकान और ट्रेड लाइसेंस की फ़ीस राज्य और शहर के हिसाब से
हाथ में पैसा (वर्किंग कैपिटल)शुरू के महीनेकुछ महीनों का किराया और तनख़्वाह, जब तक बिक्री जमे

उदाहरण (सिर्फ़ हिसाब का तरीका समझाने के लिए, असली आँकड़े नहीं): मान लीजिए किराया ₹25,000, एक स्टाफ ₹12,000, बिजली-इंटरनेट ₹3,000 और बिलिंग ऐप ₹199 + GST (लगभग ₹235), यानी हर महीने का पक्का खर्च लगभग ₹40,235। अगर हर बिक्री पर ख़रीद निकालकर औसत 30% बचता है, तो सिर्फ़ यह खर्च निकालने के लिए महीने में लगभग ₹1,34,116 की बिक्री चाहिए, यानी 30 दिन खुली दुकान में रोज़ लगभग ₹4,471। इससे ऊपर की बिक्री से मुनाफ़ा शुरू होता है। अपने किराए, तनख़्वाह और मार्जिन से यही हिसाब लगाएँ।

4. माल कहाँ से और कितना

ज़्यादातर नई दुकानें पास के थोक बाज़ार से, या बड़े कपड़ा बाज़ारों से माल लेती हैं, जैसे सूरत (साड़ी और ड्रेस मटीरियल), दिल्ली का गांधी नगर (रेडीमेड), कोलकाता का बड़ा बाज़ार, लुधियाना (होज़री और ऊनी), तिरुप्पुर (निटवियर, टी-शर्ट) और जयपुर (प्रिंट और साड़ी)। जाने से पहले अपना बजट और साइज़ की सूची तय करें।

  • शुरू में डिज़ाइन कम, पर चलने वाले साइज़ ज़्यादा: हर डिज़ाइन के सब साइज़ बराबर नहीं, बीच वाले ज़्यादा।
  • हर माल का पक्का बिल या चालान लें और हर आइटम की ख़रीद लिखें: इसी से तय होगा कि स्टाफ कितने नीचे तक मोलभाव कर सकता है। मोल-भाव में घाटा कैसे रोकें
  • सीज़न से पहले माल, सीज़न के आख़िर में क्लियरेंस; पुराना माल महीनों न पड़ा रहे।
  • जो ग्राहक माँगें पर आपके पास न हो, वह लिखते रहें; अगली ख़रीद उसी से तय करें। स्टॉक में नहीं की सूची (English)
  • GST रजिस्टर्ड हैं तो सप्लायर से GST बिल लें, ताकि इनपुट क्रेडिट का फ़ायदा मिल सके (CA से पूछें)।

5. काग़ज़ी काम: कौन सा कब

काग़ज़कब ज़रूरीकहाँ और कैसे
दुकान का रजिस्ट्रेशन (Shops & Establishments)हर राज्य का अपना कानून: कहीं रजिस्ट्रेशन, कहीं सिर्फ़ सूचना; फ़ीस भी अलगराज्य के श्रम विभाग की वेबसाइट या नगर निगम
ट्रेड लाइसेंसकई शहरों में नगर निगम माँगता हैअपने नगर निगम या नगर पालिका से पूछें
GST रजिस्ट्रेशनसिर्फ़ सामान बेचते हैं और साल की बिक्री ₹40 लाख (कुछ राज्यों में ₹20 लाख) से ऊपर; दूसरे राज्य में माल भेजते हैं तो पहले सेgst.gov.in पर, या CA से
Udyam (MSME)ज़रूरी नहीं; खुदरा दुकान के लिए इसका फ़ायदा बैंक लोन (प्राथमिक क्षेत्र, priority sector) तकudyamregistration.gov.in पर फ्री, आधार नंबर काफ़ी, कोई काग़ज़ अपलोड नहीं
बैंक खाता (करंट) और UPI QRपहले दिन सेबैंक या UPI ऐप से दुकान के नाम का QR
PANGST और बैंक के लिएअकेले मालिक की दुकान (प्रोपराइटरशिप) में मालिक का PAN

नियम राज्य और शहर के हिसाब से बदलते हैं; दुकान खोलने से पहले अपने CA या स्थानीय व्यापार मंडल से एक बार पक्का कर लें। Udyam पोर्टल ख़ुद लिखता है कि रजिस्ट्रेशन फ्री है और दूसरी कोई वेबसाइट आधिकारिक नहीं, इसलिए फ़ीस माँगने वाली साइटों से बचें। खुदरा और थोक व्यापारी 2 जुलाई 2021 के MSME मंत्रालय के आदेश से Udyam पर रजिस्टर हो सकते हैं, पर उनका फ़ायदा सिर्फ़ प्राथमिक क्षेत्र के बैंक लोन तक है।

6. GST: नंबर कब लें और बिल कैसा दें

GST नंबर लेने से पहले सादा बिल दें, जिसमें GST नहीं जुड़ता: बिना GST नंबर के बिल कैसे बनाएं। GST नंबर मिलने के बाद कपड़ों पर एक पीस ₹2,500 तक 5% और ऊपर 18% (22 सितंबर 2025 से): कपड़े की दुकान का GST बिल कैसे बनाएं। छोटी दुकानें कंपोज़िशन स्कीम भी चुन सकती हैं, जिसमें ग्राहक से GST नहीं लेते और अपनी बिक्री का छोटा % (व्यापारी के लिए 1%) ख़ुद भरते हैं; तब बिल ऑफ़ सप्लाई देना होता है। कौन सा रास्ता आपके लिए ठीक है, यह अपने CA से तय करें। कच्चे और पक्के बिल का फर्क: पक्का बिल कैसे बनाएं।

7. पहले दिन से बिलिंग

नई दुकान अक्सर बिल बुक से शुरू करती है और सोचती है “भीड़ बढ़ेगी तब ऐप लेंगे”। पर शुरू के महीनों में ही सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है यह जानने की कि क्या बिका, किस दाम पर, कितना उधार गया और गल्ला मिला या नहीं।

रेडीमेड कपड़े की दुकान के लिए बिलिंग सेटअप: टी-शर्ट, शर्ट, जींस, कुर्ता जैसी कैटेगरी और उनके तय दाम
रेडीमेड दुकान की तैयार कैटेगरी और तय दाम; हर बिल पर रेट बदल सकते हैं।
  • कैटेगरी और रेट: शर्ट, जींस, कुर्ती, साड़ी जैसी कैटेगरी, हर एक का तय दाम। मोलभाव पर सिर्फ़ उसी बिल में रेट बदलें।
  • साइज़ और रंग बिल की लाइन पर (S से XXL, 28 से 40): बदली में काम आता है।
  • UPI QR बिल पर: Settings में दुकान की UPI ID डालें, बिल की सही रकम का QR दिखता और छपता है।
  • थर्मल प्रिंटर और WhatsApp बिल: ग्राहक को दोनों दें। मोबाइल से बिल प्रिंट कैसे निकालें
  • GST सेटिंग: GST नंबर नहीं है तो “GST नहीं” (नई दुकान पहले से इसी पर होती है)।
  • बदली के नियम (कितने दिन में, टैग के साथ) बिल के नीचे की लाइन (bill footer) में लिखें।

8. स्टाफ और रोज़ का हिसाब

पहले महीनों में ये ग़लतियाँ न करें

  • सारी पूंजी माल में लगा देना: किराया और तनख़्वाह के लिए पैसा हाथ में रखें।
  • बिना बिल बिक्री: बाद में पता नहीं चलता क्या बिका और गल्ला क्यों कम है।
  • हर ग्राहक को उधार: नई दुकान में उधार की सीमा पहले से तय करें।
  • ग्राहकों का नंबर न रखना: बिल पर मोबाइल नंबर से अगली बार नए माल की ख़बर दे सकते हैं (सिर्फ़ उन्हें जिन्होंने हाँ कहा हो)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Kapde ki dukan kholne me kitna kharcha aata hai? (कपड़े की दुकान खोलने में कितना खर्च आता है)

यह शहर, जगह और माल पर बहुत बदलता है, इसलिए कोई एक आँकड़ा सही नहीं। खर्च को चार हिस्सों में जोड़ें: दुकान का डिपॉज़िट और किराया, काम (रैक, काउंटर, ट्रायल रूम, लाइट), पहला माल, और कुछ महीनों का किराया-तनख़्वाह हाथ में। बिलिंग का खर्च छोटा है: 58 mm Bluetooth प्रिंटर लिस्टिंग में लगभग ₹2,000–₹3,000, और Tap & Bill ₹199 प्रति माह से।

कपड़े की दुकान के लिए GST नंबर कब लेना पड़ता है?

सिर्फ़ सामान बेचने वाली दुकान को ज़्यादातर राज्यों में साल की बिक्री ₹40 लाख पार होने पर, और अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नगालैंड, पुदुचेरी, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तराखंड में ₹20 लाख पर। दूसरे राज्य में माल भेजते हैं, या सिलाई जैसी सेवा भी देते हैं, तो नियम अलग हैं। अपने CA से पक्का करें।

क्या Udyam रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?

नहीं। Udyam (MSME) रजिस्ट्रेशन फ्री है, udyamregistration.gov.in पर आधार नंबर से होता है और कोई काग़ज़ अपलोड नहीं करना पड़ता। खुदरा दुकान के लिए इसका फ़ायदा मुख्य रूप से बैंक लोन (प्राथमिक क्षेत्र) में है। फ़ीस माँगने वाली दूसरी वेबसाइटों से बचें।

दुकान का रजिस्ट्रेशन (शॉप एक्ट) कहाँ होता है?

हर राज्य का अपना Shops & Establishments कानून है: कहीं रजिस्ट्रेशन लेना होता है, कहीं सिर्फ़ सूचना देनी होती है, और फ़ीस भी अलग है। अपने राज्य के श्रम विभाग की वेबसाइट या नगर निगम से पूछें; कई शहरों में नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस भी लगता है।

नई कपड़े की दुकान के लिए कौन सा बिलिंग ऐप ठीक है?

ऐसा ऐप जिसे स्टाफ भीड़ में चला सके: कैटेगरी से जल्दी बिल, हर बिल पर रेट बदलना, साइज़-रंग, थर्मल प्रिंट, WhatsApp बिल, UPI QR और उधार। Tap & Bill कपड़े की दुकानों के लिए बना है और ₹199 प्रति माह से है, पहले 14 दिन फ्री। चुनने से पहले की 10 बातें: बिलिंग ऐप कैसे चुनें।

कपड़े की दुकान में मार्जिन कितना रखें?

कोई तय नियम नहीं। ख़रीद, किराया, स्टाफ और मोलभाव की गुंजाइश देखकर टैग का दाम रखें, ताकि मोलभाव के बाद भी हर पीस आपके कम से कम दाम से ऊपर बिके। हर आइटम की ख़रीद लिखें और कम से कम दाम तय करें: मोल-भाव में घाटा कैसे रोकें।

कपड़े की दुकान नहीं चल रही तो क्या करें?

पहले आँकड़े देखें: कौन सी कैटेगरी और साइज़ बिकते हैं, ग्राहकों ने क्या माँगा जो आपके पास नहीं था, मोलभाव में कितना छूटा, और कौन सा माल महीनों से पड़ा है। फिर ख़रीद उसी हिसाब से बदलें, जिन ग्राहकों ने हाँ कहा है उन्हें WhatsApp पर नया माल बताएँ, और Google पर दुकान की प्रोफ़ाइल बनाकर असली ग्राहकों से रिव्यू माँगें।

फ्री डेमो बुक करें

नई दुकान खोल रहे हैं? हम एक कामकाजी दिन में कॉल या WhatsApp करके आपकी कैटेगरी और रेट सेट करने में मदद करेंगे और बिल, प्रिंट और WhatsApp बिल दिखाएँगे।

  • फ़ोन या वीडियो कॉल पर 10 मिनट का डेमो
  • 14 दिन फ्री ट्रायल, कोई कार्ड नहीं
  • आपकी कैटेगरी और रेट हम आपके साथ सेट करेंगे

अभी बात करनी है? कॉल करें +91 73838 34343 या WhatsApp करें.