गाइड
सेल्समैन का इंसेंटिव कैसे निकालें
सेल्समैन का इंसेंटिव कैसे निकालें?
इंसेंटिव = (छूट के बाद की बिक्री − वापस आया माल) × इंसेंटिव %। जैसे रवि ने महीने में ₹2,46,800 का माल बेचा और ₹6,200 का माल वापस आया, तो उसकी कुल बिक्री ₹2,40,600 है; 1.5% पर इंसेंटिव ₹3,609 बना। Tap & Bill में हर बिल पर “किसने बेचा” चुनें, और “सेल्समैन इंसेंटिव” रिपोर्ट हर सेल्समैन का यह हिसाब अपने-आप दिखाती है। यह हर प्लान में है, ₹199 वाले Basic में भी।

ज़्यादातर कपड़े की दुकानों में बिल बनाने वाला और माल बेचने वाला अलग होता है। सेल्समैन ने बीस साड़ियाँ दिखाईं, ग्राहक ने एक पसंद की, और काउंटर पर बिल किसी और ने बनाया। महीने के आख़िर में मालिक पर्चियाँ या कॉपी जोड़कर इंसेंटिव निकालता है, और हर बार कोई कहता है “यह बिक्री तो मेरी थी”। हिसाब बिल पर ही हो, तो झगड़ा नहीं होता।
Tap & Bill में 4 स्टेप
सेल्समैन जोड़ें
ऐप में सेटिंग्स → सेल्समैन और इंसेंटिव (कंप्यूटर पर Salesmen) खोलें। नाम लिखें और इंसेंटिव % डालें, जैसे 1 या 1.5। सेल्समैन को लॉगिन की ज़रूरत नहीं।
लॉगिन जोड़ें (ज़रूरी नहीं)
जो सेल्समैन अपने फ़ोन से ख़ुद बिल बनाता है, उसका स्टाफ लॉगिन जोड़ दें। उस लॉगिन से बने बिलों पर वही अपने-आप चुना जाएगा।
हर बिल पर “किसने बेचा” चुनें
बिल सेव करने से पहले सेल्समैन के नाम पर टैप करें। हर बिल पर सेल्समैन ज़रूरी चालू करें तो बिना नाम चुने बिल सेव नहीं होगा।
रिपोर्ट देखें
ऐप में रिपोर्ट → सेल्समैन इंसेंटिव (हफ़्तेवार या महीनेवार), या कंप्यूटर के Overview पर आज, हफ़्ता या महीना: हर सेल्समैन के बिल, पीस, वापसी, कुल बिक्री और इंसेंटिव।
इंसेंटिव का फ़ॉर्मूला (incentive kaise nikale formula)
इंसेंटिव = कुल बिक्री × इंसेंटिव %, जहाँ कुल बिक्री = छूट के बाद बिलों का जोड़ − उस सेल्समैन के बिलों से वापस आया माल। एक परिवार वाली कपड़े की दुकान का अक्टूबर:
| सेल्समैन (इंसेंटिव %) | बिल | पीस | बिक्री | वापसी | कुल बिक्री | इंसेंटिव |
|---|---|---|---|---|---|---|
| रवि (1.5%) | 142 | 318 | ₹2,46,800 | ₹6,200 | ₹2,40,600 | ₹3,609 |
| मीना (1%) | 118 | 254 | ₹1,92,450 | ₹3,450 | ₹1,89,000 | ₹1,890 |
| इमरान (1%, बिना लॉगिन) | 64 | 131 | ₹88,300 | ₹0 | ₹88,300 | ₹883 |
| सेल्समैन नहीं चुना | 37 | 52 | ₹21,900 | ₹0 | ₹21,900 | — |
| दुकान का जोड़ | 361 | 755 | ₹5,49,450 | ₹9,650 | ₹5,39,800 | ₹6,382 |
रवि: ₹2,40,600 × 1.5 ÷ 100 = ₹3,609। वापसी उसी सेल्समैन से कटती है जिसने वह बिल बेचा था, इसलिए साइज़ बदलने वाली बिक्री किसी का आँकड़ा नहीं बढ़ाती। “सेल्समैन नहीं चुना” वाले 37 बिल ज़रूर देखें: भीड़ में अक्सर काउंटर वाला नाम चुनना भूल जाता है।
इंसेंटिव देने के आम तरीके
| तरीका | उदाहरण | रिपोर्ट से कैसे निकालें |
|---|---|---|
| बिक्री का % | सारी बिक्री पर 1.5% | रिपोर्ट में सीधे “इंसेंटिव” कॉलम |
| हर सेल्समैन का अलग % | पुराने को 1.5%, नए को 1% | हर सेल्समैन का अपना % डालें |
| प्रति पीस रकम | हर पीस पर ₹10 | “पीस” × ₹10 (रवि: 318 × ₹10 = ₹3,180); सिर्फ़ प्रति पीस देते हैं तो % को 0 रखें |
| टारगेट | ₹2,00,000 से ऊपर 2% | “कुल बिक्री” देखकर हाथ से निकालें (रवि: पूरी बिक्री पर 2% = ₹4,812, या सिर्फ़ ऊपर वाले ₹40,600 पर 2% = ₹812, जैसा आपका नियम हो) |
| कैटेगरी के हिसाब से % | साड़ी पर 2%, बाकी पर 1% | ऐप में नहीं: एक सेल्समैन का एक ही % |
कुल बिक्री वह रकम है जो ग्राहक ने दी, यानी GST मिलाकर। अगर आप GST से पहले की रकम पर इंसेंटिव देते हैं, तो बिलों का Excel (CSV) डाउनलोड करें: उसमें हर बिल के टैक्स और कुल के साथ “salesman” कॉलम है।
प्रति पीस, टारगेट या GST से पहले वाला इंसेंटिव जल्दी निकालना है? फ्री सेल्समैन इंसेंटिव कैलकुलेटर (English) में हर सेल्समैन की बिक्री और % डालें।
बिना ऐप: कॉपी से इंसेंटिव कैसे निकालें
ऐप नहीं है तो काउंटर पर एक कॉपी रखें और हर बिल के सामने बेचने वाले का नाम लिखें। महीने के आख़िर में:
- हर सेल्समैन के बिलों का जोड़ लगाएँ (छूट के बाद की रकम)।
- उसके बिलों से वापस आया माल घटाएँ।
- कैंसल बिल बिल्कुल न गिनें।
- बची रकम को इंसेंटिव % से गुणा करें और 100 से भाग दें।
दिक्कत यह है कि कॉपी में नाम छूट जाते हैं और वापसी किसके बिल से आई, यह याद नहीं रहता। इसीलिए बिल पर ही नाम होना बेहतर है।
ट्रायल रूम में ग्राहक? बिल होल्ड करें
ग्राहक ने दो कुर्ते लिए और तीसरा पहनकर देखने गया। अगला ग्राहक खड़ा है। होल्ड दबाएँ: बिल, उसके आइटम, साइज़ और चुना हुआ सेल्समैन उसी फ़ोन या कंप्यूटर पर रुक जाते हैं, और अगले ग्राहक का बिल शुरू हो जाता है। पहला ग्राहक लौटे तो उसका होल्ड बिल खोलें; जो बिल आप बना रहे थे वह होल्ड पर चला जाता है। एक साथ 10 बिल तक होल्ड पर रह सकते हैं, एक दिन तक। होल्ड बिल सेव नहीं होता: सेव करने पर ही उसे बिल नंबर मिलता है।
क्या नहीं होता
- एक बिल पर एक ही सेल्समैन। दो लोगों ने मिलकर बेचा तो जिसने बिक्री पक्की की उसे चुनें, या बँटवारा हाथ से करें।
- एक सेल्समैन का एक ही %; कैटेगरी या आइटम के हिसाब से अलग % और टारगेट स्लैब ऐप में नहीं (ऊपर की टेबल देखें)।
- तनख़्वाह, हाज़िरी या एडवांस का हिसाब नहीं, और ऐप किसी को पैसे नहीं देता। यह सिर्फ़ आँकड़ा देता है।
- सेल्समैन की सूची और % सिर्फ़ मालिक बदल सकता है; स्टाफ सिर्फ़ नाम चुन सकता है।
- इंसेंटिव WhatsApp वाली रोज़ की बिक्री रिपोर्ट में नहीं आता; ऐप या कंप्यूटर पर रिपोर्ट खोलें।